भारत के लोक प्रशासन के इतिहास का प्रलेखन

परिचय

भारत सरकार ने दिनांक 2 सितंबर, 2020 को मिशन कर्मयोगी की शुरुआत की। इसे राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम के रूप में भी जाना जाता है जो यह सिविल सेवा सुधार की एक पहल है जिसका उद्देश्य सरकार में क्षमता विकास प्रयासों में सुधार करना है। इसके अंतर्गत, क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) वर्ष 2022 में सिविल सेवाओं के संबंध में एक रिपोर्ट प्रकाशित करेगा जिसका उद्देश्य भारतीय सिविल सेवा की स्थिति और कार्यनिष्पादन की गहन समीक्षा करना होगा।

अपने पहले संस्करण में, इस रिपोर्ट के साथ क्षमता विकास सुधारों के संबंध में एक प्रवेशिका भी जारी की जाएगी जो भारत में क्षमता विकास से संबंधित सुधारों के इतिहास का रेखांकन करेगी और क्षमता विकास के इन सुधारों की वर्तमान में प्रासंगिकता और समझने का प्रयास करेगी कि 21वीं सदी के शासन की चुनौतियों का सामना करने में भारत की सिविल सेवा को सक्षम बनाने के लिए कैसे उन्हें सुधारा और उचित रूप से कार्यान्वित किया जा सकता है। यह खंड भारत के सामाजिक और राजनीतिक इतिहास से प्रशासन और शासन के संबंध में अंतर्दृष्टियों को एक साथ लाने का भी प्रयास करेगा।

स्थानीय प्रशासनिक इतिहास का परिचय

भारत के समृद्ध, व्यापक स्थानीय लोक प्रशासन को उजागर करने के लिए माईगव इनोवेट के प्लेटफॉर्म द्वारा भारत के लोक प्रशासन के इतिहास का प्रलेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है इस उद्देश्य हेतु, माईगव और सीबीसी देशभर के सिविल सेवकों को ऐसी कहानियों या उपाख्यानों को साझा करने के लिए आमंत्रित करेगा, जो उनके जिले या क्षेत्र या राज्य के प्रशासनिक इतिहास और उन क्षेत्रों के स्थानीय प्रशासनों के लिए उनकी निरंतर प्रासंगिकता को चित्रित करते हैं। सिविल सेवकों को उनके स्थानीय प्रशासनिक इतिहास के लिए इसके महत्व को समझाने वाली एक कहानी के साथ एक फोटो, प्रलेख, समाचार पत्र के लेख, गीत, नाटक या अन्य ऐतिहासिक या सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण कलाकृति प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। इन कलाकृतियों और कहानियों के लिए प्राचीन या मध्ययुगीन काल से लेकर औपनिवेशिक काल तथा स्वतंत्र भारत तक स्थान विशेष के अद्वितीय सामाजिक इतिहास से प्रेरणा ली जा सकती है।

उदाहरण के लिए, पश्चिम चंपारण में जिला अधिकारी लॉरी अरेराज में स्थित अशोक स्तंभ की तस्वीर साझा कर सकते हैं और यह चर्चा कर सकते हैं कि कैसे इस स्तंभ पर उत्कीर्ण लेख लोक कल्याण के हित में सामाजिक संघर्ष को कम करने के लिए नागरिकों के साथ सीधे संवाद करने की अशोक की अनूठी प्रशासनिक शैली के लिए महत्वपूर्ण थे।

इसी तरह, देशवासी अपने स्थानीय प्रशासनिक इतिहास के बारे में जानकारी साझा कर सकते हैं। चोल साम्राज्य में गांवों को उर्स कहा जाता था। ग्राम प्रशासन की जिम्मेदारी ग्राम सभा के पास होती थी जो कि चोल प्रशासन की सबसे निचली इकाई थी। यह ग्राम सभा गांव में सड़क, तालाब और गाँव के मंदिरों का रखरखाव किया करती थी।

प्रशासनिक इतिहास की चयनित कहानियों को भारत के स्थानीय लोक प्रशासन के इतिहास के संग्रह में संकलित किया जाएगा।

उद्देश्य

  1. नीति निर्माताओं, सिविल सेवकों, नागरिकों और सिविल सोसाइटी को ऐसी विशिष्ट लोक प्रशासन पद्धतियों के बारे में सूचित करना जिनका पूरे देश में प्रयोग होता था और किस प्रकार इन पद्धतियों को स्थानीय सामाजिक, राजनीतिक और भौगोलिक संदर्भ में अपनाया गया था।
  2. सिविल सेवा के भीतर विशेष रूप से क्षमता विकास से संबंधित प्रमुख, विशिष्ट प्रशासनिक नवाचारों को उजागर करना और लोकप्रिय बनाना।
  3. एक ऐसा मंच प्रदान करना जो भारत की सिविल सेवा में सुधारों और सार्वजनिक वस्तुओं को वितरित करने की क्षमता का एक बड़ा चित्र प्रदान करता है।
  4. सदियों से भारत में स्थानीय प्रशासन के अभिलेखों का अपनी तरह का पहला संग्रह बनाना।

पात्रता मापदंड

आवेदकों के लिए

नागरिक और किसी राज्य, जिला या स्थानीय प्रशासन (अर्थात्, जिला पंचायतों, नगर पालिकाओं, आदि) में तैनात सभी सेवारत सिविल सेवकों से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। इसमें शामिल हैं:

  1. नागरिक
  2. सिविल सेवक
    1. केंद्र, राज्य या स्थानीय सरकार की सिविल सेवाओं में कार्यरत सभी व्यक्ति।
    2. किसी भी स्तर पर सिविल सेवक (समूह क, ख और ग)
  3. नेहरू युवा केन्द्र संगठन (NYKS)

प्रस्तुतीकरण के लिए:

सीबीसी द्वारा विचार किए जाने के लिए, प्रस्तुतीकरण में निम्नलिखित मानदंडों को पूरा किया जाना चाहिए:

  1. प्रस्तुतीकरण उस जिले/क्षेत्र के इतिहास से संबंधित होनी चाहिए जिसमें आवेदक तैनात है।
  2. प्रस्तुतीकरण में प्रमाण की एक मद साथ होनी चाहिए (इसमें एक फोटो, पाठ, समाचार पत्र लेख, गीत, नाटक या अन्य ऐतिहासिक या सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण कलाकृतियां शामिल हो सकती हैं)

भागीदारी के दिशानिर्देश

आवेदनों को आवेदन पोर्टल के माध्यम से जमा किया जा सकता है, जो यहां https://innovateindia.mygov.in/. पर उपलब्ध है। अपना प्रस्तुतीकरण करने के लिए आवेदकों को एक ऑनलाइन आवेदन पत्र भरना होगा। प्रतिभागियों को अपना प्रस्तुतीकरण देते समय निम्नलिखित दिशानिर्देशों पर विचार करना चाहिए:

  • प्रस्तुतीकरण में प्राचीन, मध्यकालीन या आधुनिक भारत में आपके क्षेत्र में प्रचलित आपके लोक प्रशासन की कोई कहानी शामिल हो सकती है।
  • प्रस्तुतीकरण को लोक प्रशासन को एक ऐसे उदाहरण पर अवश्य आधारित होना चाहिए जिस पर उस विशेष युग के दौरान चर्चा की गई और/या लागू किया गया हो, और यह स्थानीय मिथकों पर आधारित नहीं होना चाहिए।
  • प्रस्तुतीकरण में शामिल होना चाहिए:
    • उस सामाजिक, आर्थिक, भौगोलिक या राजनीतिक संदर्भ का विवरण जिसमें यह विशेष प्रशासन की पद्धति लागू की गई थी;
    • वास्तविक शासन या लोक प्रशासन पद्धति का विवरण और उस इतिहास की अवधि का विवरण जिसमें इसे अपनाया गया था; इसका नेतृत्व एवं भौगोलिक प्रसार;
    • अनजाने में हुए प्रभावों के साथ-साथ क्षेत्र विशेष के लोगों पर लोक प्रशासन की इस पद्धति के प्रभाव का लेखा-जोखा।
    • लोक प्रशासन के उस युग से कोई भी कलाकृति या प्रतीक (यह एक फोटो, पाठ, समाचार पत्र लेख, गीत, नाटक या अन्य ऐतिहासिक या सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण कलाकृतियाँ हो सकती हैं, जो केवल इन्हीं तक सीमित ना हो)

मूल्यांकन प्रक्रिया

सीबीसी एक आंतरिक समिति का गठन करेगी जो ऑनलाइन आवेदनों को स्क्रीन करेगी, संदर्भों और प्रशासन पध्दति के प्रमाणों की दुतरफा पड़ताल (क्रॉस-चेक) करेगी।

चयनित आवेदकों को इस अद्वितीय और अभिनव शासन इतिहास को निम्नलिखित तरीकों से प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा:

  1. चयनित कहानियों को क्षमता विकास सुधारों के इतिहास पर प्रवेशिका (प्राइमर) में चित्रित किया जाएगा जिन्हें प्रधानमंत्री के मानव संसाधन परिषद को प्रस्तुत किया जाएगा और सीटीआई, एटीआई और राज्य क्षमता विशेषज्ञों के साथ साझा किया जाएगा।
  2. सीबीसी द्वारा सिविल सेवा और लोक प्रशासन के इतिहास पर तैयार किए जा रहे एक ज्ञान संग्रह में इन चयनित कहानियों को संकलित किया जाएगा। इसका उपयोग भारत के प्रशासनिक अतीत से सीखने में रुचि रखने वाले शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, सिविल सेवकों और नागरिकों द्वारा किया जाएगा।
  3. चयनित कहानियों को उन वर्षों में क्षमता-विकास सिफारिशों की इंटरैक्टिव टाइमलाइन में चित्रित करने का मौका मिलेगा जो सीबीसी की वेबसाइट पर होस्ट किए जाएंगे।
  4. चयनित कहानियों को पूर्ण-रूपेण केस अध्ययन के रूप में विकसित किया जा सकता है जिन्हें सरकार, सिविल सेवकों और जनता के मध्य प्रचारित किया जा सकता है। ये केस अध्ययन नीति निर्माताओं को भारतीय इतिहास में अभिनव प्रशासन शैलियों से परिचित कराएंगे।

आवेदन करने की समय सीमा

17 जून 2022 से 15 अगस्त 2022

लगातार पूछे जाने वाले प्रश्न

  • किसी भी प्रश्न के लिए, कृपया cbc-dopt[at]gov[dot]in पर जाएँ।
  • ईमेल पर प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
  • आवेदन केवल: https://innovateindia.mygov.in/ पर प्राप्त किए जाएंगे।